ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः।
सर्वे सन्तु निरामयाः।

हिन्दी भावार्थ:
सभी सुखी होवें, सभी रोगमुक्त रहें, सभी का जीवन मंगलमय बनें और कोई भी दुःख का भागी न बने।
हे भगवन हमें ऐसा वर दो!

ॐ असतो मा सद्गमय।
तमसो मा ज्योतिर्गमय।
मृत्योर्मामृतं गमय ॥
ॐ शान्ति शान्ति शान्तिः ॥

हिन्दी भावार्थ:
हे प्रभु! मुझे असत्य से सत्य की ओर ।
मुझे अन्धकार से प्रकाश की ओर ।
और मुझे मृत्यु से अमरता की ओर ले चलो॥

नासै रोग हरै सब पीरा, जपत निरंतर हनुमत बीरा ॥

हिन्दी भावार्थ:
वीर हनुमान जी! आपका निरंतर जप करने से सब रोग चले जाते हैं
और सब पीड़ा मिट जाती है।

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ये वेबसाइट क्‍या है?

क्या आप किसी और के लिए हनुमान चालीसा का पाठ कर सकते हैं?

कहते हैं भगवान के घर देर है अंधेर नहीं। अगर सच्चे मन और पूरी निष्ठा से भगवान से कुछ मांगा जाए, तो वो प्रार्थना ज़रुर पूरी होती है। अपने लिए तो सभी प्रार्थना करते हैं लेकिन जब हम नि:स्वार्थ भाव से किसी दूसरे के लिए प्रॉर्थना करते हैं जिसका हमसे कोई निकटतम या गहरा संबंध न हो, तो न केवल भगवान उस प्रार्थना को अवश्य सुनते हैं बल्कि हमारे मन भी एक आत्मिक शांति और ईश्वर के प्रति गहरी अनुभूति का एहसास होता है।

 

हमारे धार्मिक ग्रंथ, चाहे वे किसी भी धर्म, जाति या संप्रदाय से संबंंधित हों, सभी में कहा गया है कि दूसरों की पीड़ा दूर करने का संकल्प मन में हो और सच्ची श्रद्धा से उनके लिए प्रार्थना की जाए, तो वो ज़रुर फलित होती है। भारतीय संस्कृति में मान्यता है कि तेज स्वर में की गई प्रार्थना, ईश्वर तक पहुंचे यह आवश्यक नहीं, किन्तु सच्चे मन से की गई प्रार्थना, जो भले ही मौन रह कर की गई हो; वह प्रार्थना ईश्वर तक अवश्य पहुंचती है। इसी विश्वास के साथ हम इस वेबसाइट की शुरुआत एक ग्रुप प्रेयर मंच के रुप में कर रहे हैं जहां आप ऐसे लोगों के लिए प्रार्थना करते हैं जिन्हें आप जानते भी नहीं है।

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इस वेबसाइट का इस्‍तेमाल कैसे करें?

दरअसल जीवन में कई बार ऐसे मौके आते हैं जब हमें ईश्वर से प्रार्थना के अलावा कोई और उपाय नहीं सूझता। खासकर जब कोई व्यक्ति या उसका निकट परिजन कैंसर, लकवा, ह्रदय और मस्तिष्क संबंधी जैसी किसी गंभीर शारीरिक बीमारी/परेशानी या गंभीर शल्य चिकित्सा अथवा किसी मानसिक रोग या परेशानी से जूझ रहा हो। ऐसे में अक्सर डॉक्टर भी सलाह देते मिल जाते हैं कि दवा के साथ-साथ आप दुआ भी कीजिए। ऐसी किसी परिस्थिति में आप इस मंच पर प्रार्थना का निवेदन कर सकते हैं। आपको होम पेज पर जाकर ‘प्रार्थना करे’ बटन पर क्लिक करना होगा और आप वहां किसी भी जरुरतमंद व्‍यक्ति के लिए हनुमान चालीसा का पाठ कर सकते हैं। उदाहरण के लिए

शिवराज जोशी (काल्पनिक नाम)      उम्र- 58 साल

पता- कृषि विहार कॉलोनी, तिलक नगर के पास, इंदौर

प्रार्थना संकल्प- सकुशल बायपास ऑपरेशन के लिए प्रार्थना का निवेदन

इसके बाद हनुमान चालीसा के माध्यम से पीड़ित के लिए प्रार्थना करने के इच्छुक व्यक्ति प्रार्थना के लिए आए निवेदन पर जाएंगे और वहां कमेंट सेक्‍शन में ‘हां’ लिखकर प्रार्थना करने की सहमति देंगे। इसके बाद आप अपनी सुविधानुसार प्रार्थना कर सकते हैं।

इसके लिए वे हनुमान चालीसा के पहले मानसिक संकल्प करेंगे व हनुमान जी से प्रार्थना करेंगे कि शिवराज जोशी (उदाहरण) या पीड़ित व्यक्ति इंदौर की कृषि विहार कॉलोनी में रहते हैं और उनके सकुशल बायपास ऑपरेशन के लिए मैं ये पाठ कर रहा हूं/कर रही हूं।

सनातन धर्म में माना जाता है कि किसी भी मंत्र, श्लोक या चालीसा के 108 पाठ करने से मनवांछित फल मिलता है एवं कष्टों से मुक्ति मिलती है। लेकिन यहां पर 216 लोग प्रार्थना करने की सहमति देंगे। 216 लोग इसलिए की यदि 50 प्रतिशत लोग व्यस्तता के कारण पाठ नहीं भी कर पाए, तो बचे हुए लोग उनके हिस्से की प्रार्थना कर लेंगे।

अब आपके मन में ये सवाल अवश्य उठ सकता है कि हनुमान चालीसा ही क्यों, कुछ और क्यों नहीं। इसके पीछे हमारी मान्यता है कि सामान्य हिंदू घरों में हनुमान चालीसा का पाठ बचपन से होता है और ये आसानी से याद रहती है। एक हनुमान चालीसा का पाठ करने में 5-7 मिनट से ज्यादा का वक्त नहीं लगता है।

वैसे भी हनुमान जी के बारे में कहा गया है कि –

पवन तनय बल पवन समाना, बुद्धि विवेक विज्ञान निधाना ।

कवन सो काज कठिन जग माहीं, जो नहीं होहि तात तुम पाही ।।

हनुमान चालीसा में भी कहा गया है – दुर्गम काज जगत के जेते, सुगम अनुग्रह तुम्हारे तेते ।।

कहने का अभिप्राय ये है कि जो प्रार्थना बिना किसी परेशानी के सरलता से संभव हो सके, उसके लिए लोगों के प्रयास भी सर्व सुलभ उपलब्ध हो जाते हैं क्योंकि हनुमान चालीसा जैसा पाठ आसानी से घर, दुकान, ऑफिस, टैक्सी, बस या लोकल ट्रेन में सफर के दौरान हमारे रोजमर्रा के कामकाज में बाधा पहुंचाए बिना किया जा सकता है।

हालांकि हनुमान चालीसा का ही पाठ किया जाए, ऐसी कोई बाध्यता नहीं है। आप जिस भगवान में आस्था रखते हैं उनका कोई भी मंत्रजाप, श्लोक या चालीसा का पाठ कर सकते हैं। साथ ही यदि आप किसी भी धर्म में आस्था रखते हैं तो भी आपका अपनी प्रार्थना पद्धति से सेवा करने के लिए आपका स्वागत है।